Posts

समाजवादी धारा का लोकरूप

Image
 चिंतक विचारक एवं डॉक्टर अनिल मिश्रा जी के द्वारा मुझसे पूछे गए कुछ यक्ष प्रश्न --- जो मेरे समाजवादी चिंतन के आलेखों पर केंद्रित थे--- उनके द्वारा पूछे गए सवालों  का उत्तर देने का प्रयास कर रहा हूं पर मुझे यकीन है की डॉक्टर अनिल मिश्रा जी अपने सवालों के उत्तर बखूबी जानते हैं फिर भी वे सवाल पूछ रहे हैं मेरी मजबूरी है कि मैं जो जानता हूं या समझता हूं उसे उन तक पहुंचाऊं। पहले आप प्रश्न देख ले जिसे मिश्रा जी ने मुझसे पूछा है कुछ प्रश्न आज भी मुँह बाए खड़े हैं- 1. गाँधी जी, लोहिया जी, आचार्य नरेन्द्र देव और जयप्रकाश जी से होते हुए अखिलेश जी तक पहुँचा समाजवाद क्या एक रूप है? 2. यदि नहीं तो समाजवाद का स्वरूप किन हाथों में जाकर कैसे विकृत हुआ? 3. समाजवाद का प्रवेश झोपड़ियो से महलों में क्यों, कैसे और किस प्रकार हुआ? 4. समाजवाद में धर्म और जातिवाद का प्रवेश का प्रवेश कब, कैसे और क्यों हुआ? शिवेंद्र जी जैसे विषपायी चिंतक से कुछ इन विन्दुओं पर भी बेबाक लेखन की अपेक्षा हम जैसे पाठकों को है... -डॉ अनिल मिश्र प्रिय अनिल जी आपके पहले सवाल का उत्तर है गांधी जी लोहिया जी ...